Pakistan की असली सच्चाई — अंधेरे में फँसा एक मुल्क और एक पूरी पीढ़ी का खोता हुआ भविष्य I 2026
सोचिए… सुबह का सूरज निकलता है, लेकिन किसी देश के करोड़ों घरों में दिन शुरू नहीं होता। वहां अलार्म नहीं बजते, स्कूल बसों का शोर नहीं होता, बच्चों के कंधों पर बैग नहीं टंगे होते। वहां बच्चे जागते हैं, लेकिन पढ़ने के लिए नहीं—काम करने के लिए। कोई ईंट उठाता है, कोई चूल्हे पर आग … Read more