Polycab: बल्ब बेचने से ₹1 लाख करोड़ का साम्राज्य! ठाकुरदास की कहानी आपको हिला देगी।

साल 1964… मुंबई के किसी भीड़भाड़ वाले बाज़ार में एक छोटी-सी दुकान, जिसमें कुछ बल्ब, स्विच और पंखे टंगे हुए हैं। उस दुकान के पीछे एक दुबला-पतला इंसान बैठा है, जिसके चेहरे पर थकान तो है, लेकिन आंखों में सपनों की आग है। कोई उसे देखकर शायद ये भी न समझे कि उसमें करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने की ताक़त छुपी है।

लेकिन वही इंसान, ठाकुरदास जयसिंघानी, एक दिन उस बिजली की दुकान से निकलकर भारत की सबसे बड़ी वायर और केबल कंपनियों में से एक Polycab की नींव रखेगा, जिसकी वैल्यू एक दिन 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगी। सवाल यही है – बल्ब और स्विच बेचने वाला यह इंसान आखिर कैसे इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया? आज हम इसी विषय पर गहराई में चर्चा करेंगे।

ठाकुरदास जयसिंघानी, जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे, जब मुंबई पहुंचे तो उनके पास न कोई बड़ा कॉन्टैक्ट था, न पूंजी, और न ही कोई बड़ी फैक्ट्री। उनके पास था तो सिर्फ काम करने का जुनून और एक अद्भुत नजरिया—वो चीज़ें जो शायद आज भी किसी भी स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए सबसे ज़रूरी होती हैं। वो दुकान छोटी ज़रूर थी, लेकिन हर ग्राहक को वे उतनी ही ईमानदारी और मेहनत से सामान बेचते थे, जैसे कि वही उनका सबसे बड़ा ग्राहक हो।

धीरे-धीरे इस दुकान ने एक मुकाम पकड़ा। ग्राहक बढ़े, भरोसा बना, और साल 1975 में जयसिंघानी परिवार ने तय किया कि अब ये कारोबार सिर्फ दुकान तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने मुंबई के अंधेरी इलाके में एक ज़मीन खरीदी और खुद केबल और वायर बनाने की फैक्ट्री लगाने का सपना देखा। ये एक बहुत बड़ा कदम था—एक ऐसा फैसला जो उन्हें ‘बिकने वाला’ से ‘बनाने वाला’ बनने की दिशा में ले गया।

हालांकि, असली उड़ान तो 1983 में शुरू हुई, जब ठाकुरदास के बेटे इंदर टी जयसिंघानी ने गुजरात के हलोल में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की। इसे एक नया नाम दिया गया—Polycab। यह नाम आज लाखों लोगों के घरों में चलता है, लेकिन उस वक्त यह सिर्फ एक नयी शुरुआत थी। उन्होंने PVC इंसुलेटेड केबल्स और वायर्स से शुरुआत की और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया। 1996 में कंपनी ने खुद को “Polycab Wires Private Limited” के तौर पर रजिस्टर कराया, और यहीं से इसकी असली कॉरपोरेट यात्रा शुरू हुई।

Polycab ने न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। पहले जहां सिर्फ वायर्स बनते थे, अब कंपनी LED लाइटिंग, स्विचेस और कई इलेक्ट्रिक फिटिंग्स भी बनाने लगी। कंपनी की ग्रोथ देखकर ऐसा लगने लगा मानो हर साल कोई नया अध्याय जुड़ रहा है। और फिर आया साल 2019—जब Polycab ने अपना IPO लॉन्च किया। शेयर बाजार में Polycab की एंट्री ने तहलका मचा दिया। लोगों ने बढ़-चढ़कर Investment किया और देखते ही देखते कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

अब हम बात करते हैं उन आंकड़ों की जो किसी भी Investor, बिजनेस लीडर या युवा उद्यमी के लिए प्रेरणादायक हैं। अप्रैल से जून 2024 की तिमाही में Polycab का मुनाफा 49.5% बढ़कर 592 करोड़ रुपये हो गया। और यही नहीं, कंपनी की कुल आय 26% बढ़कर 5906 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सोचिए, जिस कंपनी की शुरुआत सिर्फ पंखा और बल्ब बेचने से हुई थी, आज वो हर तिमाही में इतने करोड़ का मुनाफा कमा रही है।

Polycab का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क आज 4,300 से ज्यादा अधिकृत डीलर्स और 2 लाख से अधिक रिटेल स्टोर्स में फैला है। ये आंकड़ा सिर्फ बिज़नेस का विस्तार नहीं दिखाता, ये दर्शाता है कि कैसे एक कंपनी ने देश के कोने-कोने में अपनी पकड़ बना ली है। ग्रामीण इलाकों से लेकर मेट्रो शहरों तक, Polycab का नाम अब एक भरोसे की पहचान बन गया है।

अब अगर हम Polycab के प्रोडक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करें, तो आंकड़े फिर से चौंकाते हैं। कंपनी के पास आज 27 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स, 15 ऑफिस, और 34 वेयरहाउस हैं। यही नहीं, Polycab अपने उत्पादों को 84 से अधिक देशों में Export भी कर रही है। यानी अब ये सिर्फ एक भारतीय कंपनी नहीं रही—ये एक वैश्विक खिलाड़ी बन चुकी है।

भारत में केबल और वायर सेक्टर की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे तमाम सेक्टर्स में वायर्स और केबल्स की ज़रूरत हर साल बढ़ रही है। इस इंडस्ट्री का CAGR 12% है, जबकि एक्सपोर्ट ग्रोथ 16% के आसपास है। यानी Polycab जैसी कंपनियों को देश के साथ-साथ विदेशों से भी बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं।

अब सवाल ये उठता है—क्या Polycab अकेली खिलाड़ी है इस मैदान में? बिल्कुल नहीं। भारत में इस सेक्टर में फिनोलेक्स, केई इंडस्ट्रीज, और हवेल्स जैसे दिग्गज मौजूद हैं। लेकिन Polycab की खासियत है—उसकी पकड़, उसका भरोसा और उसकी क्वालिटी। यही वजह है कि जब अडानी ग्रुप ने इस इंडस्ट्री में एंट्री ली, तो Polycab ने अपनी स्थिति और भी मजबूत कर ली। अडानी ने प्रणीथा इकोकेबल्स लिमिटेड के साथ हाथ मिलाया और इस सेक्टर में कदम रखा, वहीं Birla Group भी अब इस रेस में उतर चुका है।

लेकिन Polycab का जवाब शायद इन दोनों कॉर्पोरेट दिग्गजों के पास फिलहाल नहीं है। वजह साफ है—Polycab ने समय के साथ खुद को न केवल तकनीकी रूप से तैयार किया है, बल्कि ब्रांड वैल्यू और ग्राहक विश्वास के मामले में भी ये कहीं आगे है। और यही कारण है कि कंपनी का एबिटा मार्जिन 2.1% से बढ़कर 14.5% तक पहुंच गया है—जो इंडस्ट्री के लिहाज से बहुत बड़ी बात है।

Polycab ने यह सब हासिल किया—बिना किसी बड़े राजनैतिक सपोर्ट के, बिना किसी विरासत में मिले बिज़नेस के और बिना किसी विदेशी गठजोड़ के। यह कहानी बताती है कि अगर मेहनत, दूरदर्शिता और सही निर्णय साथ हो, तो कोई भी सीमाएं नहीं रह जातीं।

ठाकुरदास जयसिंघानी का सफर हमें याद दिलाता है कि असली बिजनेस आइडिया वो होता है जो आम लोगों की ज़रूरतों से जुड़ा हो। जहां बाकी लोग सिर्फ “मुनाफा” सोचते हैं, वहां एक विजनरी इंसान “समाधान” सोचता है—यही फर्क है एक दुकानदार और एक उद्योगपति में। और Polycab की सफलता इसी सोच का नतीजा है।

आज जब कोई युवक अपने स्टार्टअप का सपना देखता है, तो उसे Polycab की कहानी ज़रूर पढ़नी चाहिए। क्योंकि ये सिर्फ एक बिजनेस की कहानी नहीं है—ये उस भरोसे की गवाही है, जो मेहनत से पैदा होता है, और जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

और जब आप अगली बार किसी इलेक्ट्रिकल शॉप में जाएं, और वहां Polycab का नाम देखें, तो ज़रा एक पल के लिए उस ठाकुरदास जयसिंघानी को याद कीजिएगा—जो पंखे और बल्ब बेचते थे, लेकिन सपनों की रौशनी लेकर चले थे… और आज एक ऐसे  साम्राज्य के मालिक बन गए हैं जो अडानी और बिड़ला जैसे नामों को भी चुनौती देता है।

कभी अंधेरी की गलियों में अपनी फैक्ट्री की नींव रखने वाला वो शख्स आज बिजनेस वर्ल्ड की रौशनी में सबसे आगे खड़ा है। और यही है भारत की असली शक्ति—जहां एक छोटी दुकान से निकली उम्मीद, दुनिया की सबसे बड़ी कहानी बन जाती है।

Conclusion

अगर हमारे आर्टिकल ने आपको कुछ नया सिखाया हो, तो इसे शेयर करना न भूलें, ताकि यह महत्वपूर्ण जानकारी और लोगों तक पहुँच सके। आपके सुझाव और सवाल हमारे लिए बेहद अहम हैं, इसलिए उन्हें कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें। आपकी प्रतिक्रियाएं हमें बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

GRT Business विभिन्न समाचार एजेंसियों, जनमत और सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी लेकर आपके लिए सटीक और सत्यापित कंटेंट प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। हालांकि, किसी भी त्रुटि या विवाद के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। हमारा उद्देश्य आपके ज्ञान को बढ़ाना और आपको सही तथ्यों से अवगत कराना है।

अधिक जानकारी के लिए आप हमारे GRT Business Youtube चैनल पर भी विजिट कर सकते हैं। धन्यवाद!”

Spread the love

Leave a Comment