Vivek Chand Sehgal: मां-बेटे की कंपनी से कंगारुओं के देश तक—एक भारतीय की Global Empire Story I 2025
सोचिए ज़रा… एक छोटा सा कमरा, पुरानी सी टेबल, पास बैठी एक मां, और सामने खड़ा उसका जवान बेटा—जेब में ज्यादा पैसा नहीं, पहचान भी नहीं, लेकिन आंखों में कुछ ऐसा जुनून जो आज नहीं तो कल दुनिया को मजबूर कर दे झुकने पर। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही मां-बेटे की … Read more