Porinju Veliyath: 1000 की नौकरी से 200 करोड़ तक – एक छोटे शहर से भारत के दिग्गज निवेशक बनने की कहानी!

रात के अंधेरे में एक लड़का अपनी किताबों में झुका हुआ है… कमरे में एक टूटा पंखा, दीवारों पर सीलन, और सिर पर कर्ज का बोझ। बाहर उसके पिता किसी के सामने उधार की बात कर रहे हैं, और अंदर बेटा सोच रहा है—क्या यही उसकी किस्मत है? क्या गरीबी उसकी पहचान बनकर रह जाएगी?

लेकिन उस रात, एक फैसला होता है। एक मन में ठान ली जाती है—कि चाहे कुछ भी हो जाए, ये कहानी यहीं खत्म नहीं होगी। और यहीं से शुरू होती है एक ऐसे सफर की कहानी, जिसे आज दुनिया ‘स्मॉल कैप के बादशाह’ के नाम से जानती है—Porinju वेलियाथ। ये शुरुआत है उस जिद की, जो तमाम असफलताओं, तानों और अभावों के बावजूद अपने सपने से डगमगाई नहीं। आज हम इसी विषय पर गहराई में चर्चा करेंगे।

केरल के एक छोटे से गांव में 6 जून 1962 को जन्मे Porinju एक बेहद साधारण, बल्कि संघर्षों से भरे मिडिल क्लास परिवार से आते थे। वो दौर ऐसा था जब ज़िंदगी की सबसे बड़ी चिंता होती थी – अगले महीने का राशन, बच्चों की फीस और सिर पर चढ़ा कर्ज। उनके परिवार की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मजबूरी में अपना घर तक बेचना पड़ा।

Porinju ने अपने घर की दीवारें बिकते देखीं, लेकिन उम्मीद को बिकने नहीं दिया। जहां दूसरे लोग टूट जाते हैं, वहीं Porinju ने उस मोड़ को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बना लिया। उन्होंने खुद से वादा किया – एक दिन ऐसा आएगा जब उनका परिवार कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाएगा, और उनकी पहचान उनकी संपत्ति नहीं बल्कि संघर्ष से बने सम्मान से होगी।

लेकिन सपने देखने के साथ-साथ उन्हें ज़मीनी सच्चाई का भी सामना करना पड़ा। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने काम करने का फैसला किया। उनकी पहली नौकरी एक अकाउंटेंट की थी, जहां उन्हें सिर्फ 1000 रुपये महीना मिलते थे। आज के दौर में शायद ये एक दिन का लंच खर्च भी न हो, लेकिन तब यही उनकी उम्मीद का सबसे बड़ा स्रोत था।

दिन भर ऑफिस और फिर क्लास में घंटों की पढ़ाई – यह सिलसिला आसान नहीं था। इसके बाद उन्होंने एर्नाकुलम टेलीफोन एक्सचेंज में भी नौकरी की, और साथ-साथ कानून की पढ़ाई भी जारी रखी। इन सालों में उन्होंने हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी को निभाया – कभी क्लास में, कभी ऑफिस में और कभी घर के आर्थिक संकट में। ये साल उन्हें न केवल आर्थिक मजबूती की ओर ले गए, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी वह मज़बूती दी, जो आने वाले जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बनी।

लेकिन Porinju का मन कुछ बड़ा करने को बेचैन था। उन्हें समझ आ गया था कि सिर्फ नौकरी से वो सीमाएं नहीं तोड़ी जा सकतीं जो समाज ने उनके लिए तय कर दी थीं। और इसी सोच ने उन्हें मुंबई पहुंचा दिया – सपनों के शहर में, लेकिन जेब में ज़्यादा पैसे नहीं थे। मुंबई में उन्होंने कोटक सिक्योरिटीज़ में फ्लोर ट्रेडर के रूप में काम करना शुरू किया।

यहीं उन्होंने शेयर बाजार की दुनिया को समझा, उसके उतार-चढ़ाव को महसूस किया और यह सीखा कि अगर समझदारी से खेला जाए, तो ये बाजार किस्मत बदल सकता है। हर सुबह मार्केट की घंटी बजने से पहले वे डेटा पढ़ते, चार्ट्स बनाते और अनुमान लगाते – यह सब उन्होंने खुद से सीखा। उनके अंदर वह जिज्ञासा थी, जो किसी भी काबिल Investor की असली पहचान होती है।

चार साल कोटक में काम करने के बाद उन्हें एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली – पराग पारिख सिक्योरिटीज में फंड मैनेजर और रिसर्च एनालिस्ट की। ये वो वक्त था जब वे खुद भी Investment करना शुरू कर चुके थे।

दिन में वो दूसरों के लिए पैसे मैनेज करते, रात में अपने लिए स्टॉक्स पढ़ते। धीरे-धीरे उन्होंने समझा कि इस गेम में जीतने के लिए सबसे जरूरी चीज़ है – धैर्य, रिसर्च और सही वक्त पर सही फैसला। उन्होंने सीखा कि बाजार में डर सबसे बड़ा दुश्मन होता है, और अवसर अक्सर तब आते हैं जब बाकी सब लोग डर कर पीछे हट जाते हैं। यह सीख उन्हें दूसरों से अलग बनाती गई और Porinju का आत्मविश्वास बढ़ता गया।

1999 में Porinju वापस कोच्चि लौटे और वहीं से उन्होंने अपनी असली उड़ान की तैयारी शुरू की। उन्होंने जियोजित फाइनेंशियल सर्विस, श्रेयस शिपिंग जैसे कुछ ऐसे स्टॉक्स में Investment किया, जिन पर बाकी लोगों ने ध्यान भी नहीं दिया था। लेकिन यही स्टॉक्स बाद में उन्हें करोड़पति बना गए।

इसी सफलता को देखकर उन्होंने 2002 में अपनी खुद की कंपनी – इक्विटी इंटेलिजेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की। ये कंपनी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस देती है, जो उन Investors के लिए है जो अपना पैसा पोरिंजू की समझ पर भरोसे के साथ लगाते हैं। धीरे-धीरे यह कंपनी देश की जानी-मानी PMS कंपनियों में गिनी जाने लगी, और Porinju एक ब्रांड बन गए – ऐसा ब्रांड जो भरोसे, रिसर्च और साहस से बना था।

Porinju ने अपनी Investment रणनीति में हमेशा एक बात पर भरोसा किया – बाजार से कम आंकी गई कंपनियों में छिपा खजाना। उनका मानना है कि हर कंपनी के नंबर से ज़्यादा, उसकी सोच, Management और दिशा मायने रखती है। यही वजह है कि उन्होंने हमेशा उन कंपनियों में Investment किया जिन्हें बाकी लोग नज़रअंदाज़ कर देते थे।

उनकी ये सोच वॉरेन बफेट के Investment मॉडल से काफी मिलती है, और वो खुद मानते हैं कि बफेट उनके आदर्श हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सही समय पर लिया गया एक साहसी फैसला, भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है। उनके पोर्टफोलियो में आपको ऐसे स्टॉक्स मिलेंगे जो कभी किसी के लिए सिर्फ ‘पेनी स्टॉक्स’ थे, लेकिन आज मल्टीबैगर साबित हो चुके हैं।

आज Porinju वेलियाथ के पास करोड़ों की संपत्ति है। उनका लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल चुका है। शानदार फार्महाउस, लग्जरी कारें और एक आरामदायक जीवन—लेकिन इन सबके पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा है। साल 2015 में जहां उनका पोर्टफोलियो 6 करोड़ का था, वहीं 2021 तक यह बढ़कर 213 करोड़ तक पहुंच गया। और अब 2025 में यह आंकड़ा 210 करोड़ को पार कर चुका है। सिर्फ आठ सालों में ऐसा जबरदस्त ग्रोथ पाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। लेकिन यह चमत्कार नहीं था – यह मेहनत, धैर्य और दूरदृष्टि का परिणाम था, जिसमें हर निर्णय एक सोच-समझ के साथ लिया गया था।

Trendlyne.com के मुताबिक जून 2025 तक Porinju के पोर्टफोलियो में ऐसे कई स्टॉक्स हैं, जो उनके ‘स्मॉल कैप जार’ की पहचान बन चुके हैं। इनमें शामिल हैं – M M Rubber Company, Ansal Properties, Centum Electronics, Kovilpatti Lakshmi Roller, Orient Bell, Shalimar Paints, Sundaram Brake Lining, Apollo Sindoori Hotels और Arrow Greentech। इन कंपनियों ने उन्हें वो रिटर्न दिया है, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े Investor भी नहीं कर पाते। इन कंपनियों को चुनना सिर्फ एक आंकड़ों का खेल नहीं था, बल्कि उनमें भविष्य की संभावना देखना और उस पर भरोसा करना था – और यही पोरिंजू की सबसे बड़ी ताकत बन गई।

Porinju की इस कहानी में सिर्फ पैसों की बात नहीं है, यह कहानी है – आत्मविश्वास, धैर्य, संघर्ष और अवसरों को पहचानने की। यह कहानी है उस इंसान की, जिसने गरीबी से हार नहीं मानी, बल्कि उसे अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। उन्होंने न सिर्फ अपने लिए, बल्कि हजारों Investors के लिए रास्ता खोला। उन्होंने एक ऐसे सिस्टम में खुद को स्थापित किया जहां ज्यादातर लोग डरते हैं – उन्होंने उन कंपनियों को चुना जिनमें बाकी लोगों ने कभी झांका भी नहीं था। उनका विश्वास, उनकी रिसर्च और उनका साहस ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी बनी।

आज जब हम किसी भी युवा से पूछते हैं कि वह शेयर बाजार में क्यों Investment करना चाहता है, तो बहुत से लोग Porinju वेलियाथ का नाम लेते हैं। वे एक प्रतीक बन चुके हैं – इस बात का कि सीमित संसाधनों से भी असीम संभावनाएं निकाली जा सकती हैं। वे इस देश के उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने बिना किसी विरासत के, सिर्फ मेहनत और दूरदृष्टि से एक ऐसी दुनिया बनाई जो अब दूसरों को भी प्रेरित करती है। वे हर उस युवा को उम्मीद देते हैं जो आज किसी छोटे शहर में बैठा अपने सपनों को सहेज रहा है।

उनकी जिंदगी इस बात की मिसाल है कि सपने पूरे करने के लिए बड़ी शुरुआत नहीं, बड़ा इरादा चाहिए। जब एक इंसान 1000 रुपए की नौकरी से शुरू करके 200 करोड़ की संपत्ति बना सकता है, तो फिर कोई भी इंसान कुछ भी कर सकता है—बस जरूरत है, अपने डर को हराने की और अपने हौसलों पर भरोसा रखने की। Porinju की कहानी हमें यह भी सिखाती है कि असली सफलता सिर्फ बैंक बैलेंस में नहीं, बल्कि उस आत्मसम्मान में होती है जो आपने खुद से लड़कर कमाया होता है।

यही है Porinju वेलियाथ की असली कहानी – एक ऐसी कहानी, जो हर उस इंसान को प्रेरणा देती है जो आज मुश्किल में है, लेकिन कल उड़ान भरने का सपना देख रहा है। यह एक कहानी है उस साहसी इंसान की, जिसने अपनी किस्मत खुद लिखी – न हथियारों से, न विरासत से, बल्कि अपनी मेहनत, सोच और अदम्य साहस से।

Conclusion

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