सोचिए… किसी शहर की तंग गलियों में दौड़ता हुआ एक टेंपो, जिसकी आवाज़ हवा में गूंजती है। उस टेंपो में बैठा एक लड़का, धूल भरी सड़कों पर पसीना बहाता हुआ, अपने सपनों से बहुत दूर लगता है। उसके कपड़े साधारण हैं, उसकी जिंदगी आम है, लेकिन उसके अंदर कुछ ऐसा है जो उसे हर आम इंसान से अलग बनाता है।
कोई उसे देखकर यह नहीं सोच सकता था कि एक दिन वही लड़का आसमान से बात करेगा, वही लड़का हवाई जहाज उड़ाएगा, वही लड़का लोगों को destiny के नए रास्ते दिखाएगा। यह कहानी है कानपुर के उस लड़के की, जिसने अपनी जिंदगी की steering खुद संभाली और आज अपने सपनों को wings देने जा रहा है। यह कहानी है Shankh Airlines के founder, dreamer और fighter—श्रवण कुमार विश्वकर्मा की।
कानपुर की मिट्टी में पले-बढ़े श्रवण कुमार का childhood किसी privileged story जैसा नहीं था। न English medium का चमकदार background, न fancy lifestyle, न बड़े शहर का exposure, और न ही वो resources जो किसी rich family के बच्चों को आसानी से मिल जाते हैं। उनके घर में भी वही चिंता थी जो हर middle class घर में होती है—पैसे की टेंशन, भविष्य की फिक्र और जिंदगी में कुछ stable करने का दबाव।
पढ़ाई में उनका मन ज्यादा नहीं लगता था। परिस्थितियाँ, दोस्ती, माहौल—सबने मिलकर उन्हें books से दूर कर दिया। उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और जिंदगी को practically जीना शुरू किया। लेकिन कहते हैं न कि जिंदगी में जो सबसे कड़वे experiences होते हैं, वही इंसान को सबसे मजबूत बनाते हैं। श्रवण कुमार के साथ भी यही हुआ। जिंदगी ने उन्हें नीचे से जीना सिखाया। जिंदगी ने उन्हें दर्द, मेहनत, संघर्ष और जिम्मेदारी का असली मतलब समझाया।
जब लोग luxury dreams देखते हैं, श्रवण उस समय survival की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने साइकिल चलाई, बस में धक्के खाए, ट्रेन के general compartment का सफर किया और टेंपो चलाया। ऐसा नहीं कि उन्होंने सिर्फ टेंपो में बैठकर सफर किया हो, उन्होंने टेंपो खुद भी चलाया। दोस्तों की गाड़ी चलाई, खुद steering पकड़ी और सड़कों पर धूल खाई।
लेकिन शायद यहीं से उनका vision बन रहा था। शायद उन्हीं धक्कों ने उन्हें feel कराया कि life सिर्फ जमीन पर चलने के लिए नहीं, आसमान छूने के लिए होती है। वही experiences बाद में उनकी सोच की ताकत बने। जब वो कहते हैं कि “नीचे से ऊपर आने वाला इंसान साइकिल, बस, ट्रेन, टेंपो सब देखता है,” तो यह सिर्फ dialogue नहीं, यह उनकी जिंदगी का सच है।
जिंदगी का असली मोड़ तब आया जब उन्होंने business की दुनिया में कदम रखा। शुरुआत छोटी थी, resources limited थे, लेकिन ambition limitless था। उन्होंने अपने पहले बड़े काम के रूप में TMT bars का business शुरू किया। धीरे-धीरे कदम बढ़े। Cement industry में enter किया। Mining sector में entry की। Transport business में मजबूत पहचान बनाई। Trucks का बड़ा fleet खड़ा किया। लोग पहचानने लगे, industry में उनका नाम बनने लगा। धीरे-धीरे वो उस मुकाम पर पहुंच गए जहां वो confidently कह सकते थे कि अब जिंदगी को सिर्फ चलाना नहीं, उड़ाना है। और शायद इसी confidence ने उनके अंदर एक और बड़ा dream पैदा किया—Aviation का।
करीब तीन-चार साल पहले, जब हर successful businessman safe business खेल रहा था, तब श्रवण ने सोचा—कुछ अलग करना है। ऐसा काम करना है जो सिर्फ profit न दे, legacy बनाए। उन्हें लगा कि aviation सिर्फ rich luxury नहीं रहा, यह जरूरत बन चुका है। लोग fast travel चाहते हैं।
People don’t want just travel, they want time, comfort and dignity. उन्हें महसूस हुआ कि middle class के लिए affordable और reliable airline की कमी है। वो जानते थे कि aviation एक risky sector है, investment बड़ा है, challenges बहुत हैं। लेकिन उन्होंने सोचा, अगर कोई नीचे से उठकर transport empire बना सकता है, तो क्यों नहीं उसी आदमी की सोच आसमान तक पहुंच सकती? वहीं से Shankh Airlines का सपना जन्मा।
अब सवाल ये था कि airline का नाम क्या रखा जाए। भारत में नाम सिर्फ identity नहीं होते, वो emotion होते हैं। श्रवण के लिए “Shankh” सिर्फ एक शब्द नहीं था। उनकी पहले की companies में भी “Shankh” नाम जुड़ा रहा था। शंख भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हर घर में होता है, लेकिन हर कोई उसे बजा नहीं पाता। ठीक उसी तरह airline तो बहुत हैं, लेकिन ऐसी airline कम हैं जो सच में middle class की आवाज़ हैं। श्रवण का vision clear था—ऐसी airline बनानी है जो लोगों के लिए हो, लोगों की हो, और लोगों को respect दे। और इस तरह इस airline का नाम पड़ा—Shankh Airlines।
फिर आया वो दिन जिसका इंतज़ार हर dreamer करता है, वो दिन जो रातों की नींद, सालों की मेहनत और हज़ारों फैसलों का नतीजा होता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने Shankh Airlines को approval दे दिया। Ministry ने Shankh Airlines को No Objection Certificate जारी किया। तीन airlines को n o d मिला और उनमें Shankh Airlines का नाम shining था। उस दिन केवल एक businessman खुश नहीं था, उस दिन यूपी का एक बेटा गर्व से खड़ा था। उस दिन कानपुर की सड़कों से उठे एक लड़के ने देश के आसमान को अपना अगला destination घोषित कर दिया।
अब सवाल उठता है कि Shankh Airlines का model क्या होगा। Aviation industry में सबसे बड़ी शिकायत होती है—Dynamic Pricing। सुबह 5000 की ticket शाम को 25000 हो जाती है। त्योहार आते ही किराया आसमान छूता है। Middle class के सपने airport पर पहुंचकर टूट जाते हैं।
लेकिन Shankh Airlines का वादा अलग है। श्रवण साफ कहते हैं—No Dynamic Pricing। चाहे होली हो, दिवाली हो, कुंभ का मेला हो, travel demand बढ़ जाए—ticket skyrocket नहीं करेगी। Fixed rate, fair price और honest service—यह Shankh Airlines का core principle है। उनका कहना है कि profit जरूरी है, लेकिन limitless profit नहीं। थोड़ा कम कमाओ, लेकिन लोगों का भरोसा जीत लो।
जब उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी industry में Indigo और Air India जैसी giants पहले से मौजूद हैं, तो क्या डर लगता है? उनका जवाब simple था—“वो अपनी जगह उड़ रहे हैं, हम अपनी जगह उड़ेंगे। आज 60% market किसी के पास है, कल किसी और के पास होगा। मुझे competition से नहीं, अपने काम से मतलब है।” यही confidence entrepreneurs को अलग बनाता है। जो डरते नहीं, जो दूसरों से तुलना नहीं करते, जो अपनी lane में best बनने की सोचते हैं—वो दुनिया बदलते हैं।
अब बात aircrafts की। शुरुआत Airbus A 320 से होगी। पहले Boeing 737 plan था, लेकिन technical and practical reasons से Airbus चुन लिया गया। तीन aircraft ready हैं। Vision और बड़ा है। 2026 के शुरुआत तक दस से ज्यादा aircraft fleet का लक्ष्य है। 2026 से 27 तक पंद्रह से पच्चीस aircraft।
और उसके बाद international routes। ये सिर्फ सपना नहीं, strategic planning है। और सबसे बड़ी बात—Shankh Airlines सिर्फ उड़ान नहीं भरेगी, ये यूपी के लिए pride बनेगी। Head office Lucknow में होगा। पहली उड़ान लखनऊ या जेवर से। यूपी के शहरों को Delhi, Mumbai, Bengaluru, Kolkata और Chennai से connect करने का बड़ा vision है। वो कहते हैं—“जब यूपी ने मुझे बनाया है, तो पहली उड़ान भी यहीं से होगी।”
अब हल्का-सा सवाल मन में आता है—इतना बड़ा project, इतनी बड़ी investment, आखिर ताकत कहां से आई? Shankh Aviation private limited की शुरुआत Shankh Agency private limited के नाम से हुई थी। Capital investment, aircraft leasing, infrastructure—all together यह project hundreds of crores में है। Exact numbers चाहे public न हों, लेकिन इतना साफ है कि transport, mining और heavy logistics में सालों का experience उन्हें financially और strategically strong बनाता है। वो सिर्फ सपने नहीं देख रहे, वो investment और planning से उसे reality बना रहे हैं।
Conclusion
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