जिस लड़की ने कभी रैकेट थामा था, सिर्फ खेल के लिए—not fame, not fortune—आज वो करोड़ों की मालकिन है। लेकिन पैसा, शोहरत और मेडल्स की चमक के पीछे जो कहानी छिपी है, वो अक्सर हमारे कैमरे नहीं पकड़ पाते। और जब उसी लड़की ने एक दिन अचानक इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी डाली… जिसमें उसने लिखा—“कभी-कभी ज़िंदगी हमें अलग रास्तों पर ले जाती है”… तो सब रुक गया। वो लड़की थी—Saina Nehwal।
और ये सिर्फ एक तलाक की कहानी नहीं है, ये कहानी है उस संघर्ष की, उस कामयाबी की, जिसने एक हरियाणा की बेटी को दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्टिंग आइकन्स में शुमार कर दिया। एक ऐसी लड़की जिसकी मुस्कान में जीत की चमक और आंखों में हर हार से लड़ने की जिद झलकती थी। लेकिन आज, जब उस मुस्कान के पीछे अकेलापन छिपा है, तो ज़रूरी है कि हम उसके अब तक के सफर को फिर से महसूस करें। आज हम इसी विषय पर गहराई में चर्चा करेंगे।
साल 2018 में साइना ने बैडमिंटन खिलाड़ी पारुपल्ली कश्यप से शादी की थी। ये रिश्ता किसी फिल्मी जोड़ी से कम नहीं था। दोनों ने साथ में ट्रेनिंग ली थी, साथ में टूर्नामेंट्स खेले, और जिंदगी को भी साथ जीने की कसम खाई थी। उनकी जोड़ी भारत के खेल जगत में प्रेरणा बन गई थी। लेकिन अब, 6 साल बाद, उसी रिश्ते पर विराम लग चुका है।
इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर के साइना ने इस खबर को साझा किया कि उन्होंने और कश्यप ने ‘आपसी सहमति’ से अलग होने का फैसला किया है। यह खबर जितनी शांत भाषा में कही गई, उसके पीछे उतनी ही हलचल, असमंजस और आत्ममंथन रहा होगा। एक रिश्ता, जो पसीने और प्रेरणा के साथ शुरू हुआ था, आखिरकार मौन में टूट गया।
लेकिन अगर आप साइना को करीब से जानते हैं, तो आप जानते हैं कि टूटना उसका स्टाइल नहीं। वो उस मिट्टी से बनी है, जो दबने पर और ज़्यादा मज़बूत हो जाती है। और यही वजह है कि आज वह न केवल भारत की बैडमिंटन क्वीन हैं, बल्कि एक सफल एंटरप्रेन्योर, ब्रांड फेस और करोड़ों की संपत्ति की मालकिन भी हैं।
रिपोर्ट्स की मानें तो साइना की कुल नेटवर्थ लगभग 36 करोड़ है। और ये सिर्फ एक आंकड़ा नहीं—ये उस संघर्ष का नतीजा है जो हर सुबह 5 बजे उठने से लेकर हर चोट को नजरअंदाज करने तक, हर दिन चला है। उनका जीवन सिर्फ मैच जीतने की कहानी नहीं है, वो हार के बाद फिर से खड़े होने की मिसाल है।
साइना की कमाई सिर्फ कोर्ट के भीतर की नहीं है। उनकी सालाना इनकम 5 करोड़ के आसपास है, जिसमें हिस्सा है बड़े-बड़े ब्रांड एंडोर्समेंट्स का। वह सिर्फ भारत की नहीं, दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें न जाने कितने ऑफर्स छोड़ने पड़े, कितनी बार अपनी सीमाएं तोड़नी पड़ीं और सबसे बड़ी बात—हर बार अपने आप को साबित करना पड़ा। उनके विज्ञापन पोर्टफोलियो में Skincare से लेकर Banking, Shoes से लेकर Health Supplements तक दर्जनों ब्रांड्स शामिल हैं। यह दिखाता है कि वो सिर्फ खिलाड़ी नहीं, लोगों की नज़र में एक भरोसेमंद चेहरा बन चुकी हैं।
और यही नहीं, साइना अब एक Investor भी हैं। उन्होंने “Naric” नामक एक मेंस्ट्रुअल हाइजीन ब्रांड में न केवल इन्वेस्ट किया है, बल्कि उसकी ब्रांड एंबेसडर भी हैं। Naric एक ऐसा ब्रांड है जो पर्यावरण के अनुकूल और Reusable सैनिटरी प्रोडक्ट्स बनाता है। साइना की इस ब्रांड से जुड़ाव ये बताता है कि वो सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं हैं, वो एक विचार हैं—जो महिलाओं को सशक्त करने में विश्वास रखती हैं। जब एक स्टार खिलाड़ी में ये सामाजिक चेतना दिखाई देती है, तो वह लाखों महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बन जाती है।
उनके ब्रांड लिस्ट में शामिल हैं—Paras Lifestyle, Opasa Jewelry, SkinSpired, Heal Your Sole, Yonex, Max Life Insurance, Edelweiss, Kellogg’s, Indian Overseas Bank, Savlon, और Rasna जैसे नाम। और ये नाम सिर्फ ब्रांड्स नहीं हैं, ये पहचान हैं उस भरोसे की, जो साइना के चेहरे से जुड़ा है। जब वो किसी प्रोडक्ट को प्रमोट करती हैं, तो लोग सिर्फ उसका विज्ञापन नहीं देखते, लोग उसमें साइना का संघर्ष, ईमानदारी और मेहनत महसूस करते हैं। यही वजह है कि ब्रांड्स उनके साथ जुड़ने को लालायित रहते हैं।
अब बात करते हैं उनकी सबसे चमचमाती पसंद की—गाड़ियां। जी हां, साइना को लग्जरी गाड़ियों का काफी शौक है। उनके गैरेज में खड़ी है Mercedes AMG GLE 63, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ है। और इसके अलावा उनके पास Mini Cooper है जिसकी कीमत 40 से 50 लाख के बीच है। BMW और एक दूसरी Mercedes-Benz भी उनकी कलेक्शन में है। जब साइना किसी इंटरव्यू में अपनी कार के बारे में बात करती हैं, तो वो सिर्फ वाहन नहीं बतातीं—हर गाड़ी उनके लिए एक मील का पत्थर है, एक टूर्नामेंट की जीत की याद, एक ज़िंदगी के संघर्ष का इनाम।
और ये सब कुछ उन्होंने खुद की मेहनत से कमाया है। न किसी फिल्मी बैकग्राउंड से आई, न किसी राजनेता की बेटी हैं, न किसी विरासत की वारिस। साइना का जन्म हरियाणा के हिसार में हुआ था, लेकिन उनका करियर बना हैदराबाद में। यहीं से उन्होंने पुलेला गोपीचंद अकादमी में ट्रेनिंग ली, यहीं अपने करियर की नींव रखी। 2015 में उन्होंने हैदराबाद में ही एक आलीशान मकान खरीदा जिसकी कीमत 5 करोड़ के आसपास आंकी गई है। एक छोटे से शहर से निकलकर करोड़ों की लाइफस्टाइल बनाने की यह यात्रा आसान नहीं थी।
लेकिन घर, गाड़ियां और ब्रांड्स से पहले जो सबसे अहम बात है, वो है उनकी खेल उपलब्धियां। 2012 के लंदन ओलंपिक्स में उन्होंने भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। ये वो दौर था जब देश में महिला खिलाड़ियों को उतनी तवज्जो नहीं मिलती थी। लेकिन साइना ने एक नई शुरुआत की। 2009 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला, 2010 में पद्म श्री और राजीव गांधी खेल रत्न—ये सारे सम्मान उनके नाम जुड़ते चले गए। ये मेडल्स सिर्फ उनकी जीत के प्रतीक नहीं थे, ये एक पूरे समाज की सोच बदलने की शुरुआत थे।
और यही वो मुकाम है, जहां से वो सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहीं—वो एक प्रेरणा बन गईं। हर छोटे शहर की लड़की, जो रैकेट उठाकर खेलने का सपना देखती है, वो साइना में अपना चेहरा देखती है। और जब आज उसी साइना की जिंदगी से उनके निजी रिश्तों का एक अध्याय खत्म होता है, तो लोग सोचते हैं—क्या वो टूटी होंगी? लेकिन साइना की कहानी कभी टूटी नहीं, वो हर मोड़ पर और मजबूत हुई है। तलाक उनके लिए दुखद हो सकता है, लेकिन वो उसे एक नई शुरुआत की तरह स्वीकार करती हैं—बिना किसी शोर-शराबे के, एक सच्चे चैंपियन की तरह।
उनकी सबसे बड़ी जीत शायद कोर्ट में नहीं, जिंदगी में रही है। जो लड़की घुटनों पर गिरकर फिर उठी हो, वो एक साइनिंग पेपर से कैसे हार सकती है? तलाक उनका अंत नहीं है, बल्कि शायद एक नई शुरुआत है। एक और नई दिशा, एक और मुकाम। साइना आज भी उतनी ही ताकतवर हैं जितनी अपने पहले ओलंपिक पदक के दिन थीं। फर्क सिर्फ इतना है कि आज वो न सिर्फ खेलती हैं, बल्कि जीती भी हैं—हर मायने में।
तो जब अगली बार आप उन्हें किसी एड में देखें, किसी स्टेडियम में बैडमिंटन खेलते देखें या फिर एक नई कंपनी में Investment करते हुए सुनें—तो ये मत सोचिए कि ये सब आसान था। हर जीत के पीछे हजारों दर्द छिपे होते हैं… और साइना ने हर दर्द को अपनी ताकत में बदला है। उनके रैकेट की आवाज़ सिर्फ शटल को नहीं काटती, वो रूढ़ियों को तोड़ती है, सीमाओं को चुनौती देती है।
साइना नेहवाल आज करोड़ों की मालकिन हैं। लेकिन इससे भी ज़्यादा, वो उस हिम्मत की मिसाल हैं जो सिर्फ मेडल्स नहीं कमाती, भरोसा कमाती है। और भरोसे का कोई प्राइस टैग नहीं होता। तलाक की खबर भले ही कुछ लोगों को चौंका दे, लेकिन साइना के लिए ये एक नए अध्याय की शुरुआत है—जिसमें वो और भी मजबूती से उभरेंगी, एक नई कहानी लिखेंगी, और हर उस लड़की को उम्मीद देंगी जो कभी हार से डरती थी।
Conclusion
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