PART 1 — फसल बचाने वाली ‘संजीवनी’ की कहानी
कल्पना कीजिए… सुबह का समय है। खेत में ओस की बूंदें चमक रही हैं। किसान उम्मीद से अपनी फसल को देखता है। लेकिन दो हफ्ते बाद वही खेत कीटों से भर जाता है। पत्तियां काली पड़ने लगती हैं, तना सूखने लगता है, और महीनों की मेहनत खतरे में आ जाती है। उस वक्त अगर कोई ऐसी “संजीवनी” मिल जाए जो पूरी फसल को बचा ले, तो वह सिर्फ एक Product नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उस संजीवनी के पीछे कौन है? कौन है वह शख्स जिसने Chemistry की प्रयोगशाला से निकलकर करोड़ों किसानों की किस्मत बदलने का बीड़ा उठाया? और कैसे एक छोटे से R&D Room से शुरू हुई कहानी Global Agrochemical Empire तक पहुंच गई?
PART 2 — संघर्ष से शुरू हुई यात्रा
यह कहानी है रजनीकांत देवीदास श्रॉफ की, जिन्हें दुनिया Rajju Shroff के नाम से जानती है। गुजरात के कच्छ में जन्मे Rajju Shroff किसी Corporate Dynasty में पैदा नहीं हुए थे। उनका परिवार पहले Textile Business में था, लेकिन 1,930 की आर्थिक मंदी ने कारोबार की नींव हिला दी। परिस्थितियां बदलीं, और परिवार ने Pain Balm और Hair Oil बनाना शुरू किया। संघर्ष उनके घर की हवा में घुला हुआ था। शायद यही वजह थी कि Rajju Shroff ने Business को सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि Survival और Evolution के नजरिए से देखना सीखा।
PART 3 — Chemistry से शुरू हुआ बिजनेस
Mumbai के Khalsa College से BSc और फिर Bombay University से, Chemistry में Graduation करने के बाद उन्होंने अपने पिता की Factory के R&D Department में कदम रखा। Chemistry उनके लिए किताबों का विषय नहीं, प्रयोगों का रोमांच था। वे Molecules, Reaction और Formulation को सिर्फ Chemical Process नहीं, बल्कि Opportunity की तरह देखते थे। 1,969 में Red Phosphorus Manufacturing की शुरुआत उनका पहला बड़ा दांव था। उस दौर में भारत Chemical Sector में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा था, और Raw Material पर पकड़ बनाना Strategic Advantage था। धीरे-धीरे Rajju Shroff ने समझा कि असली जरूरत खेतों में है। Rajju Shroff
PART 4 — UPL का वैश्विक विस्तार
भारत जैसे देश में जहां लगभग आधी आबादी सीधे या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, वहां Crop Protection Products की अहमियत बहुत बड़ी है। FAO की रिपोर्ट के अनुसार हर साल वैश्विक स्तर पर 20 से 40 प्रतिशत तक फसल, कीट और बीमारियों के कारण नष्ट हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर Crop Protection Technology मजबूत न हो, तो Food Security खतरे में पड़ सकती है। इसी सोच ने UPL को जन्म दिया और उसे आगे बढ़ाया। UPL ने कीटनाशक, फफूंदनाशक, Herbicides और Seed Treatment Solutions के जरिए किसानों को ऐसे विकल्प दिए जो Yield बढ़ाने में मददगार साबित हुए। शुरुआत भारत से हुई, लेकिन Vision Global था। Latin America के Soybean Fields से लेकर Europe के, Wheat Farms और Africa के Cotton Belt तक कंपनी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 2,018 में 4.2 Billion Dollar में Arysta LifeSciences का अधिग्रहण इस सफर का Turning Point बना। Rajju Shroff
PART 5 — Innovation, परिवार और जिम्मेदारी
इस Deal ने UPL को Global Top Agrochemical League में पहुंचा दिया। Acquisition के बाद कंपनी का Distribution Network 130 से अधिक देशों में फैल गया। यह सिर्फ Market Expansion नहीं था, बल्कि Technology, Portfolio Diversification और Global Talent Integration का उदाहरण था। आज UPL का Market Capitalization लगभग 58 हजार करोड़ रुपये के आसपास रहा है। Rajju Shroff के पास कंपनी की लगभग 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। Forbes के अनुसार उनकी Net Worth लगभग 1.5 Billion Dollar आंकी जाती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि Rajju Shroff अक्सर खुद को “Scientist Entrepreneur” कहना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि Research और Risk-Taking साथ-साथ चलते हैं। UPL ने समय के साथ Sustainable Agriculture पर भी जोर दिया है। Biological Crop Protection, Residue-Free Solutions और Climate Smart Agriculture जैसे Concepts पर निवेश बढ़ाया गया है। दुनिया Climate Change से जूझ रही है। तापमान में बढ़ोतरी, अनियमित वर्षा और नई कीट प्रजातियां खेती को चुनौती दे रही हैं। ऐसे में Innovation की जरूरत पहले से ज्यादा है। Rajju Shroff
PART 6 — Crop Protection King की विरासत
Rajju Shroff को 2,021 में Padma Bhushan से सम्मानित किया गया। 2,018 में Mexico सरकार ने उन्हें ऑर्डेन मेक्सिकाना डेल एगुइला एज़्टेका, (एज़्टेक ईगल का मैक्सिकन ऑर्डर) से नवाजा। यह सम्मान सिर्फ व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय Agrochemical Innovation की Global पहचान का प्रतीक था। परिवार भी इस कहानी का अहम हिस्सा है। राज्जू श्रॉफ की पत्नी सैंड्रा श्रॉफ कंपनी की वाइस-चेयरपर्सन हैं। उनके बड़े बेटे जयदेव श्रॉफ UPL के ग्लोबल CEO हैं, जबकि छोटे बेटे विक्रम श्रॉफ कंपनी के सिस्टम और इंटरनल मैनेजमेंट को संभालते हैं। Family-Driven Leadership और Professional Management का यह मिश्रण UPL की खासियत है। लेकिन यह कहानी सिर्फ Growth की नहीं, Responsibility की भी है। Agrochemical Industry को अक्सर Environmental Debate का सामना करना पड़ता है। Pesticide Use, Soil Health और Biodiversity पर सवाल उठते हैं। Rajju Shroff का कहना रहा है कि Science का इस्तेमाल संतुलित और जिम्मेदार तरीके से होना चाहिए। कंपनी Integrated Pest Management और Precision Farming पर काम कर रही है, ताकि Chemicals का उपयोग सीमित और प्रभावी हो। Global Agrochemical Market का आकार लगभग 50 Billion Dollar से अधिक है, और भारत Generic Crop Protection Products का बड़ा Exporter है। UPL इस Export Story का मजबूत चेहरा बन चुकी है। Research Centers, Manufacturing Units और Global Partnerships के जरिए, कंपनी लगातार Innovation पर ध्यान दे रही है। Rajju Shroff की Leadership Style भी अलग रही है। वे Short-Term Quarterly Profit के बजाय Long-Term Strategy पर भरोसा करते हैं। उनका फोकस हमेशा R&D Investment, Global Footprint और Farmer Engagement पर रहा। यही वजह है कि UPL केवल Manufacturer नहीं, बल्कि Farmer-Centric Solution Provider बन पाई। आज जब दुनिया 8 Billion से ज्यादा Population को भोजन देने की चुनौती से जूझ रही है, तब Crop Protection Technology का महत्व और बढ़ गया है। हर अतिरिक्त टन अनाज, हर बची हुई फसल, Food Security की दिशा में एक कदम है। Rajju Shroff की कहानी इस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखी जानी चाहिए। शुरुआत में हमने जिस किसान की चिंता की थी, वह आज भी खेत में खड़ा है। फर्क सिर्फ इतना है कि उसके हाथ में अब ऐसी Technology है जो उसकी मेहनत को सुरक्षित रखती है। Crop Protection Products उसके लिए सिर्फ Chemical नहीं, Insurance की तरह हैं। और उस Insurance के पीछे एक Visionary Entrepreneur खड़ा है। Rajju Shroff की यात्रा हमें यह सिखाती है कि Innovation सिर्फ Lab में नहीं, सोच में जन्म लेता है। Textile Business से लेकर Global Agrochemical Giant तक का सफर यह दिखाता है कि Vision, Education और Global Mindset मिलकर Industry बदल सकते हैं। यह Chemistry की कहानी है, लेकिन उससे ज्यादा यह Commitment की कहानी है। जब अगली बार आप खेतों में लहलहाती फसल देखें, तो याद रखिए कि उस हरियाली के पीछे सिर्फ बारिश और मेहनत नहीं, बल्कि Research, Risk और Resilience की लंबी कहानी छिपी है। और उस कहानी के केंद्र में एक नाम है—Rajju Shroff, जिन्हें दुनिया Crop Protection King कहती है, क्योंकि उन्होंने किसानों की फसल के लिए सच में “संजीवनी” तैयार की है। कल्पना कीजिए… खेत में खड़ी फसल अचानक कीड़ों से घिर जाए। किसान की सालभर की मेहनत कुछ ही दिनों में बर्बाद होने लगे। डर यहीं से शुरू होता है—अगर फसल चली गई, तो घर कैसे चलेगा? और जिज्ञासा ये कि आखिर वो कौन है जिसने ऐसी “संजीवनी” बनाई, जो फसल को मौत के मुंह से खींच लाती है? ये कहानी है रजनीकांत देवीदास श्रॉफ की, जिन्हें दुनिया राज्जू श्रॉफ के नाम से जानती है। कच्छ में जन्मे इस केमिस्ट्री प्रेमी ने 1,969 में रेड फॉस्फोरस से शुरुआत की, और आगे चलकर UPL लिमिटेड को खड़ा किया—आज करीब 58 हजार करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू वाली ग्लोबल एग्रोकेमिकल कंपनी। कीटनाशक, फफूंदनाशक और बीज सुरक्षा उत्पादों से UPL किसानों की फसल बचाने वाली ताकत बन गई। 2,018 में 4.2 बिलियन डॉलर में Arysta LifeSciences का अधिग्रहण कर कंपनी दुनिया की टॉप एग्रोकेमिकल फर्म्स में शामिल हुई। लेकिन असली सवाल यह है कि एक छोटे R&D लैब से निकला यह सफर कैसे वैश्विक साम्राज्य में बदला… और यहीं कहानी सबसे रोचक मोड़ पर आकर ठहर जाती है… Rajju Shroff
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