Site icon

Kharg Island: दुनिया का तेल हब बना ईरान का सबसे सुरक्षित ठिकाना – क्यों इजराइल ने नहीं किया हमला? 2025

Kharg Island

मध्य पूर्व में एक चिंगारी उठी है, लेकिन अभी तक वह उस बारूद को नहीं छूई है, जिसे छूते ही पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था जल सकती है। इजराइल और ईरान के बीच टकराव की लपटें तेज़ हो रही हैं, लेकिन एक सवाल सबको परेशान कर रहा है—जब इजराइल ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हमला कर दिया है, तो फिर Kharg Island पर हमला क्यों नहीं किया?

यह वही जगह है जो ईरान की आर्थिक रगों में खून की तरह बहती है, जहां से देश का 90% तेल दुनिया भर में जाता है। क्या इजराइल इस जगह से डर रहा है या इसके पीछे कोई और वजह है? और अगर कल ये हमला हो गया, तो क्या पूरी दुनिया को झकझोर देने वाला ग्लोबल इकोनॉमिक क्राइसिस दरवाज़े पर होगा? आज हम इसी विषय पर गहराई में चर्चा करेंगे।

इस सवाल का जवाब देने से पहले हमें यह समझना होगा कि अब तक इजराइल ने क्या-क्या कदम उठाए हैं। बीते कुछ महीनों में इजराइल ने ईरान के कई एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए हैं। इनमें शाहरान फ्यूल और गैसोलीन डिपो शामिल है, जहां 11 बड़े स्टोरेज टैंक मौजूद हैं।

इसके अलावा शाहर रे ऑयल रिफाइनरी भी निशाने पर रही है, जो ईरान की प्रमुख रिफाइनिंग सुविधाओं में से एक है। इतना ही नहीं, इजराइल ने दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड्स में से एक साउथ पार्स गैस फील्ड को भी नहीं छोड़ा, जो ईरान की एनर्जी प्रोडक्शन की रीढ़ है। लेकिन इन तमाम हमलों के बीच एक जगह को अब तक जानबूझकर अछूता छोड़ा गया है—Kharg Island।

Kharg Island की बात करें तो यह सिर्फ एक टापू नहीं है, यह ईरान की Energy supply की धड़कन है। ईरान के बुशेहर क्षेत्र के पास स्थित यह टापू स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नज़दीक है, और यहां से ईरान अपने कुल तेल का 90% से ज्यादा एक्सपोर्ट करता है। यानी अगर इस टापू पर कोई हमला होता है, तो न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका लगेगा, बल्कि दुनिया के कई देशों की Energy security भी दांव पर लग जाएगी।

1950 के दशक में बने इस टर्मिनल को ईरान-इराक युद्ध के दौरान बुरी तरह तबाह किया गया था। लेकिन इसके बाद इसे फिर से बनाया गया और आज यह इतना आधुनिक हो चुका है कि, VLCC और ULCC जैसी विशाल ऑयल टैंकरों को भी संभाल सकता है। यहां पर कई बर्थ बने हुए हैं जो एक साथ 8 से 9 सुपरटैंकरों को तेल लोड करने की सुविधा देते हैं। इसकी स्टोरेज क्षमता करीब 28 मिलियन बैरल तेल की है। यह पूरी सप्लाई सिस्टम पाइपलाइनों से जुड़ा हुआ है, जो ईरान के बड़े-बड़े ऑयल फील्ड्स से सीधे Kharg Island तक तेल पहुंचाता है।

लेकिन Kharg Island की असली ताकत सिर्फ उसकी तकनीकी क्षमता में नहीं, उसकी रणनीतिक स्थिति में है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। यानी अगर इस रास्ते को जरा भी नुकसान हुआ या बाधित किया गया, तो इसका असर केवल ईरान या इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा—बल्कि इसका झटका अमेरिका, चीन, यूरोप, भारत और पूरी Global अर्थव्यवस्था को लगेगा। इसलिए Kharg Island सिर्फ एक ऊर्जा केंद्र नहीं, बल्कि एक जियोपॉलिटिकल हथियार है।

अब सवाल ये है कि इजराइल, जो ईरान को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ता, आखिर Kharg Island को क्यों छोड़ रहा है? इसके पीछे एक बहुत सधा हुआ रणनीतिक गणित है। Kharg Island पर हमला करना मतलब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सीधे-सीधे खतरे में डालना। अगर यह रास्ता बंद हुआ तो तेल की कीमतें आसमान छू जाएंगी, दुनिया भर के बाजार हिल जाएंगे, और सबसे महत्वपूर्ण बात—सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका तक इसमें खिंच जाएंगे। यह हमला केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहेगा, यह एक श्रृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया शुरू कर देगा, जिसकी परिणति एक पूर्ण पैमाने पर युद्ध में हो सकती है।

इसके अलावा चीन जैसे देश, जो भारी मात्रा में तेल इसी क्षेत्र से Import करते हैं, अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में घसीटे जा सकते हैं। उनका Energy-security हित सीधे इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। और चीन, जो पहले ही Global कूटनीति में अपनी स्थिति को मजबूती देने की कोशिश कर रहा है, वह कभी नहीं चाहेगा कि इस क्षेत्र में अस्थिरता इतनी बढ़े कि उसकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़े। इसलिए चीन भी पर्दे के पीछे से इस पूरे मसले पर नजर रखे हुए है और इजराइल की हर चाल का मूल्यांकन कर रहा है।

इजराइल की रणनीति अभी स्पष्ट है—उसे ईरान को कमजोर करना है, लेकिन उस हद तक नहीं कि मामला बेकाबू हो जाए। इसलिए वो ऐसे ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो ईरान की सैन्य और ऊर्जा संरचना को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन Global प्रतिक्रिया को न्यूनतम रखते हैं। Kharg Island जैसे स्थानों को छोड़ना इस रणनीति का हिस्सा है। इससे इजराइल को दो फायदे होते हैं—एक, वो अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की नाराज़गी से बच जाता है; और दूसरा, वह ईरान को अंदर से कमजोर करता है, बिना युद्ध को global level पर ले जाए।

लेकिन यह स्थिति हमेशा स्थिर नहीं रह सकती। अगर हालात और बिगड़ते हैं, अगर ईरान की ओर से कोई बड़ा उकसावा होता है या कोई अप्रत्याशित घटना घटती है, तो इजराइल Kharg Island पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। तब शायद यह पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी होगी कि ऊर्जा सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि युद्ध का कारण भी बन सकती है। और तब शायद हमें Global अर्थव्यवस्था में उस विस्फोट का सामना करना पड़े, जिसकी आहट हम आज महसूस कर रहे हैं।

Kharg Island पर हमला न होने का एक और बड़ा कारण है—ईरान की संभावित प्रतिक्रिया। अगर इजराइल Kharg Island को नुकसान पहुंचाता है, तो ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई निश्चित मानी जा रही है। और यह जवाब सिर्फ इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। ईरान, सऊदी अरब के रास तनूरा जैसे तेल ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिससे तेल उत्पादन और सप्लाई पर global crisis गहरा जाएगा। इससे मध्य पूर्व में पहले से ही जटिल भू-राजनीतिक समीकरण और उलझ जाएंगे।

आज इजराइल की रणनीति सतर्क है। वह सधे हुए तरीके से ईरान पर दबाव बना रहा है। ईरान को घाव दिए जा रहे हैं, लेकिन खून बहाया नहीं जा रहा। इजराइल चाहता है कि वह अपनी ताकत दिखाए, पर उस लकीर को पार न करे जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय का गुस्सा उस पर फूट पड़े। यह एक महीन संतुलन है, जो युद्ध और शांति के बीच टिका हुआ है। इजराइल अभी अपनी हर रणनीति सोच-समझकर चला रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह संतुलन लंबे समय तक कायम रह पाएगा?

इस पूरे परिदृश्य को देखें तो स्पष्ट है कि Kharg Island एक ‘रेड लाइन’ है—एक ऐसा बिंदु जिसे छूने का मतलब है Global भूचाल। इसलिए यह कहा जा सकता है कि खार्ग टापू पर हमला न करना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि रणनीतिक परिपक्वता की निशानी है। इजराइल जानता है कि एक गलत कदम उसे Global मंच पर अकेला कर सकता है और उसे अपने सबसे नज़दीकी सहयोगियों से भी समर्थन नहीं मिलेगा।

तो अभी के लिए Kharg Island सुरक्षित है, लेकिन यह सुरक्षा कब तक रहेगी, यह भविष्य की उन घटनाओं पर निर्भर करेगा जिनका नियंत्रण शायद किसी के पास नहीं है। दुनिया की सबसे नाज़ुक नस पर हमला न होना ही इस वक्त की सबसे बड़ी रणनीतिक चाल है। लेकिन जैसे-जैसे हालात बदलते हैं, वैसे-वैसे खतरों की परिभाषा भी बदल सकती है।

Conclusion

अगर हमारे आर्टिकल ने आपको कुछ नया सिखाया हो, तो इसे शेयर करना न भूलें, ताकि यह महत्वपूर्ण जानकारी और लोगों तक पहुँच सके। आपके सुझाव और सवाल हमारे लिए बेहद अहम हैं, इसलिए उन्हें कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें। आपकी प्रतिक्रियाएं हमें बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

GRT Business विभिन्न समाचार एजेंसियों, जनमत और सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी लेकर आपके लिए सटीक और सत्यापित कंटेंट प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। हालांकि, किसी भी त्रुटि या विवाद के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। हमारा उद्देश्य आपके ज्ञान को बढ़ाना और आपको सही तथ्यों से अवगत कराना है।

अधिक जानकारी के लिए आप हमारे GRT Business Youtube चैनल पर भी विजिट कर सकते हैं। धन्यवाद!”

Spread the love
Exit mobile version