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Revolutionary: Italy को भारत का बड़ा तोहफा बढ़ते व्यापार और पीएम मोदी के खुलासे से नया अवसर! 2025

Italy

नमस्कार दोस्तों, कल्पना कीजिए, एक ऐसा देश जो आम के उत्पादन के लिए कभी जाना ही नहीं जाता था, वह अब तेजी से इस उद्योग में आगे बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर एक ऐसा देश जो कॉफी के लिए मशहूर है, वह अब भारत से भारी मात्रा में कॉफी खरीदने लगा है। यह कोई साधारण व्यापारिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह Global Economy में हो रहे एक बड़े बदलाव का संकेत है।

यह कहानी केवल व्यापार और कृषि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक राजनीतिक एंगल भी जुड़ा हुआ है। Italy और भारत के संबंधों की चर्चा केवल कूटनीतिक स्तर पर नहीं होती, बल्कि यह राजनीतिक गलियारों में भी अहमियत रखता है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की ननिहाल इटली में है और उनकी मां सोनिया गांधी का जन्म भी वहीं हुआ था। यही वजह है कि इटली का भारत के साथ एक अलग ही नाता रहा है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि भारत से Italy को कॉफी का Export जबरदस्त तरीके से बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, इटली अब आम के उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जबकि भारत, जो हमेशा से आम उत्पादन का Global Centers रहा है, अब इस क्षेत्र में एक नई चुनौती का सामना कर रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या भारत अपनी पारंपरिक पहचान को खो रहा है?

क्या यह बदलाव भारत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? या फिर भारत इस नए समीकरण का भी लाभ उठा सकता है? आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि भारत और Italy के व्यापारिक संबंध कैसे बदल रहे हैं।

भारत से Italy को कॉफी का Export क्यों बढ़ रहा है, और पीएम मोदी ने इसके बारे में क्या कहा?

भारत हमेशा से कॉफी उत्पादन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता आया है। खासतौर पर कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में उगाई जाने वाली भारतीय कॉफी की अपनी एक अलग पहचान है। भारतीय कॉफी की खासियत यह है कि यह छायादार पहाड़ी क्षेत्रों में उगाई जाती है और इसकी सुगंध व स्वाद इसे दुनिया भर में लोकप्रिय बनाते हैं।

लेकिन जब हम Italy की बात करते हैं, तो वहां की स्थिति बिल्कुल अलग है। इटली दुनिया का सबसे बड़ा कॉफी उपभोक्ता देश है, लेकिन वह खुद कॉफी का उत्पादन नहीं करता। वहां की कॉफी इंडस्ट्री पूरी तरह से Import पर निर्भर करती है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, इटली ने 2.6 अरब डॉलर की कॉफी Import की थी। इसमें से भारत से 16 करोड़ डॉलर की कॉफी भेजी गई थी।

सबसे बड़ा बदलाव 2024 की शुरुआत में देखने को मिला। फरवरी 2024 तक, भारत से Italy को कॉफी के Export में 38% की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा अपने आप में ऐतिहासिक था। 2023 में भारत ने 2,01,342 शिपमेंट भेजे, जिससे भारत अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉफी Exporter बन गया।

इस साल की शुरुआत के बाद तो इस व्यापार में और भी उछाल आया। जनवरी 2024 के बाद भारत से Italy को कॉफी का Export 80% तक बढ़ गया। इस तेजी से बढ़ते व्यापार का मतलब यह है कि भारत की कॉफी इंडस्ट्री अब ग्लोबल मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है। यह न केवल भारतीय किसानों के लिए एक शानदार अवसर है, बल्कि इससे भारत के कुल Export में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

भारत को Italy के बढ़ते आम उत्पादन से डरना चाहिए या नहीं?

आम का नाम सुनते ही सबसे पहला देश जो हमारे दिमाग में आता है, वह है भारत। भारत को आम का गढ़ कहा जाता है और यहां इसे “फलों का राजा” माना जाता है। भारत हर साल लगभग 2.47 करोड़ टन आम का उत्पादन करता है, जो कि पूरी दुनिया के कुल उत्पादन का आधे से ज्यादा है। लेकिन हाल के वर्षों में भारत में आम का उत्पादन धीमा पड़ने लगा है, और इसी बीच Italy इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इटली को कभी आम उत्पादन के लिए नहीं जाना जाता था। इसकी वजह थी वहां का ठंडा मौसम। लेकिन अब, ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण Italy के कुछ हिस्सों में गर्मी बढ़ गई है। यही कारण है कि सिसिली, पुग्लिया और कैलाब्रिया जैसे क्षेत्रों में आम की खेती शुरू हो गई है।

अगर हम पिछले कुछ दशकों के आंकड़ों को देखें, तो 2004 में इटली में सिर्फ 10 हेक्टेयर जमीन पर आम की खेती हो रही थी। लेकिन अब यह बढ़कर 1,200 हेक्टेयर तक पहुंच चुकी है। यह एक बहुत बड़ा बदलाव है।

इतना ही नहीं, Italy को हमेशा अंगूर के उत्पादन के लिए जाना जाता था। लेकिन जैसे-जैसे जलवायु गर्म होती जा रही है, वहां अंगूर का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इसकी जगह अब आम जैसी गर्म जलवायु में उगने वाली फसलें ज्यादा उपजने लगी हैं।

Italy का यह बढ़ता आम उत्पादन भारत के लिए खतरे की घंटी है?

आपको बता दें कि फिलहाल, भारत को Italy से आम के उत्पादन को लेकर कोई सीधी चुनौती नहीं मिल रही है। भारत अभी भी दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और उसके आम की मांग Global Markets में बहुत अधिक बनी हुई है।

लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिन पर भारत को ध्यान देना होगा। सबसे बड़ी समस्या यह है कि भारत का आम उत्पादन काफी ज्यादा है, लेकिन उसका Export बहुत कम होता है। भारत अपने कुल आम उत्पादन का सिर्फ 5% ही Export करता है, जबकि अन्य देशों में यह आंकड़ा 50% तक पहुंच जाता है। इसका मतलब यह है कि भारत को अपनी लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज सिस्टम को सुधारने की जरूरत है, ताकि भारतीय आम ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सके।

इसके अलावा, भारत को नई कृषि तकनीकों और Research में Investment करने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में भी कई जगहों पर आम की खेती प्रभावित हो रही है। सरकार को इस पर गहराई से अध्ययन करना होगा और किसानों को सही मार्गदर्शन देना होगा।

भारत-इटली व्यापारिक संबंधों में नया समीकरण क्या है, और क्या इससे दोनों देशों के बीच सहयोग और बढ़ेगा?

भारत और Italy के बीच व्यापार संबंध पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़े हैं। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इटली को कॉफी, मसाले, चमड़ा और ऑटोमोबाइल पार्ट्स का Export किया, जबकि Italy ने भारत को मशीनरी, टेक्सटाइल और केमिकल उत्पादों की आपूर्ति की।

कॉफी और आम का यह व्यापार भारत और Italy के बीच एक नए व्यापारिक युग की शुरुआत कर सकता है। अगर भारत सरकार ने सही रणनीति अपनाई, तो आने वाले वर्षों में भारत कॉफी और अन्य कृषि उत्पादों के Export में एक नया मुकाम हासिल कर सकता है।

Conclusion:-

तो दोस्तों, भारत और Italy के बीच बदलते व्यापारिक समीकरण यह दिखाते हैं कि ग्लोबल मार्केट में लगातार बदलाव हो रहे हैं, और भारत को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। कॉफी के Export में जबरदस्त बढ़ोतरी भारत के लिए एक सुनहरा अवसर है, जबकि इटली में आम उत्पादन का बढ़ना एक चेतावनी भी है कि भारत को अपने कृषि Export को बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे।

क्या भारत अपनी global agricultural situation को बनाए रख पाएगा? क्या कॉफी Export भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा? आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!

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