PART 1 — आधी आबादी और विकास का सवाल
कल्पना कीजिए… भारत के किसी छोटे से गांव में एक लड़की पैदा होती है। उसके घर में खुशी तो होती है, लेकिन उसके भविष्य को लेकर उतना भरोसा नहीं होता। स्कूल जाना भी कभी-कभी सपना बन जाता है, और कुछ साल बाद समाज उससे कह देता है—अब तुम्हारा काम घर संभालना है। लेकिन अगर वही लड़की पढ़े, कमाए, अपना फैसला खुद करे… तो क्या सिर्फ उसका जीवन बदलता है, या पूरा समाज बदल जाता है? यही सवाल आज भारत के विकास के केंद्र में खड़ा है। और इसी सवाल को लेकर एक महिला लगातार देशभर में एक संदेश दे रही है—अगर आधी आबादी को पीछे छोड़ दिया गया, तो कोई भी देश कभी विकसित नहीं बन सकता।यह आवाज़ है doctor Preeti Adani की।
PART 2 — डॉक्टर से समाजसेवा तक का सफर
एक डॉक्टर, एक सामाजिक कार्यकर्ता और अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन, जिन्होंने पिछले तीन दशकों में लाखों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ किसी बड़े उद्योगपति की पत्नी होने की नहीं है। यह कहानी है उस फैसले की, जिसमें एक डॉक्टर ने अपना करियर छोड़कर समाज के लिए काम करने का रास्ता चुना। doctor Preeti Adani का नाम अक्सर तब सुर्खियों में आता है जब महिलाओं के सशक्तिकरण की बात होती है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित “सशक्त नारी, विकसित भारत” कार्यक्रम में उन्होंने एक सीधी लेकिन गहरी बात कही—कोई भी देश अपनी आधी आबादी को आर्थिक गतिविधियों से बाहर रखकर सतत विकास हासिल नहीं कर सकता। यह सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि भारत के विकास मॉडल के लिए एक चेतावनी भी थी।
PART 3 — महिलाओं की भागीदारी क्यों जरूरी है
भारत की आबादी लगभग 1.4 अरब है, जिसमें करीब आधी संख्या महिलाओं की है। लेकिन अगर हम Labour Force Participation Rate देखें, तो महिलाओं की भागीदारी अभी भी पुरुषों की तुलना में काफी कम है। कई रिपोर्ट बताती हैं कि ग्रामीण भारत में लाखों महिलाएं आज भी आर्थिक गतिविधियों से बाहर हैं, जबकि उनके पास Skill और क्षमता दोनों मौजूद हैं। सवाल यह है कि अगर इतनी बड़ी आबादी आर्थिक गतिविधियों से बाहर रहेगी, तो देश की अर्थव्यवस्था अपनी पूरी क्षमता तक कैसे पहुंचेगी? doctor Preeti Adani का मानना है कि भारत को अपने इतिहास से सीखना चाहिए। भारतीय सभ्यता में महिलाओं को हमेशा शक्ति का प्रतीक माना गया है—चाहे वह सरस्वती हों, दुर्गा हों या लक्ष्मी। लेकिन आधुनिक समाज में कई बार वही शक्ति सामाजिक सीमाओं में बंध जाती है। उनके अनुसार, अगर भारत को सच में विकसित राष्ट्र बनना है, तो महिलाओं की क्षमता को पहचानना और उन्हें अवसर देना जरूरी है। doctor Preeti Adani
PART 4 — डेयरी समूहों से बदली ज़िंदगी
उनके काम की शुरुआत किसी बड़े शहर से नहीं, बल्कि गांवों से हुई। उन्होंने देखा कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं मेहनती हैं, लेकिन उनके पास आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है। इसी सोच से कई राज्यों में महिला डेयरी समूह बनाए गए। आज इन डेयरी समितियों से 3,500 से अधिक ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं और सालाना लगभग 75 लाख लीटर दूध का संग्रह करती हैं। यह सिर्फ दूध उत्पादन की कहानी नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास की कहानी है। जब एक महिला अपनी कमाई खुद करती है, तो उसके फैसलों की ताकत बदल जाती है। वह अपने बच्चों की पढ़ाई के बारे में बेहतर निर्णय ले सकती है, अपने परिवार की सेहत पर ध्यान दे सकती है, और सबसे बड़ी बात—वह खुद को समाज में बराबरी का हिस्सा महसूस करती है। यही बदलाव धीरे-धीरे पूरे समुदाय को प्रभावित करता है। doctor Preeti Adani
PART 5 — शिक्षा, Skill और Ecosystem की ज़रूरत
लेकिन आर्थिक सशक्तिकरण सिर्फ आय बढ़ाने से नहीं आता। doctor Preeti Adani बार-बार इस बात पर जोर देती हैं कि महिला सशक्तिकरण एक समग्र प्रक्रिया है। इसमें शिक्षा, Skill development, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता और बाजार से जुड़ाव—सब कुछ शामिल होना चाहिए। भारत के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी लड़कियों की शिक्षा का स्तर बेहद कम है। कई लड़कियां ऐसी हैं जिन्होंने कभी स्कूल का दरवाजा नहीं देखा। कॉलेज तक पहुंचना तो दूर की बात है। यही वजह है कि doctor Preeti Adani का कहना है कि अगर एक लड़की स्कूल में बनी रहती है, तो उसके जीवन की दिशा बदल सकती है। एक पढ़ी-लिखी लड़की के कम उम्र में विवाह की संभावना कम होती है। वह अपने स्वास्थ्य, अपने अधिकारों और अपने भविष्य के बारे में जागरूक होती है। वह नौकरी कर सकती है, व्यवसाय शुरू कर सकती है या किसी नए क्षेत्र में करियर बना सकती है। शिक्षा सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं देती, बल्कि आत्मविश्वास भी देती है। doctor Preeti Adani का यह भी मानना है कि आज के दौर में skills training उतना ही जरूरी है जितनी औपचारिक शिक्षा। स्वास्थ्य सेवा, कृषि, डिजिटल सेवाएं, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवतियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। अगर उन्हें सही Training और अवसर मिलें, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था doctor Preeti Adani
को भी मजबूत बना सकती हैं। भारत सरकार की कई योजनाओं ने भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का जिक्र किया, जिसके जरिए छोटे उद्यमियों को बिना बड़ी गारंटी के लोन मिलता है। इस योजना ने लाखों महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया है। इसी तरह डिजिटल इंडिया अभियान ने दूर-दराज इलाकों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाई हैं। आज गांवों की महिलाएं भी मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए बाजार से जुड़ सकती हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद बेच सकती हैं और डिजिटल भुगतान के माध्यम से आर्थिक लेन-देन कर सकती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने भी महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। स्वच्छ ईंधन मिलने से लाखों महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उन्हें धुएं से भरे रसोईघरों से राहत मिली है। यह बदलाव सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि गरिमा और सम्मान का भी है। लेकिन doctor Preeti Adani का मानना है कि सिर्फ लोन देना पर्याप्त नहीं है। महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को Skill, डिजिटल ज्ञान, बाजार तक पहुंच और मार्गदर्शन की भी जरूरत होती है। अगर कोई महिला व्यवसाय शुरू करना चाहती है, तो उसे सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि पूरा Ecosystem चाहिए—जहां उसे Training मिले, नेटवर्क मिले और अवसर मिले। doctor Preeti Adani
PART 6 — बड़ा मिशन और अंतिम संदेश
doctor Preeti Adani की अपनी यात्रा भी प्रेरणादायक है। वह पेशे से डॉक्टर थीं। लेकिन 1,996 में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया—अपना चिकित्सा करियर छोड़कर सामाजिक सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का। उसी समय से उन्होंने अडानी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में काम शुरू किया। शुरुआत में यह काम कुछ गांवों तक सीमित था। छोटे-छोटे कार्यक्रम, सीमित संसाधन और बड़ी उम्मीदें। लेकिन धीरे-धीरे यह पहल एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल गई। आज Adani Foundation हर साल भारत के 22 राज्यों के 7,071 गांवों में लगभग 9.6 मिलियन लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। यह काम सिर्फ परोपकार नहीं है, बल्कि सामाजिक निवेश है। जब गांवों में शिक्षा बेहतर होती है, जब महिलाओं को रोजगार मिलता है, जब स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होती हैं—तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लेकिन अगर देश को अगले स्तर तक पहुंचना है, तो महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। कई आर्थिक अध्ययनों में यह कहा गया है कि अगर भारत में महिला श्रम भागीदारी दर बढ़े, तो GDP में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। doctor Preeti Adani का विश्वास है कि भारत की अगली विकास गाथा सिर्फ बड़े शहरों की कंपनियों में नहीं लिखी जाएगी। doctor Preeti Adani वह कहानी स्कूलों में पढ़ती लड़कियों, Training केंद्रों में Skill सीखती युवतियों, गांवों में छोटे व्यवसाय चलाती महिलाओं और डिजिटल बाजारों में अपना स्थान बना रही उद्यमियों के जरिए लिखी जाएगी। उनका संदेश साफ है—जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो सिर्फ उनका जीवन नहीं बदलता, पूरा समाज बदलता है। परिवार मजबूत होते हैं, समुदाय मजबूत होते हैं और अंततः देश मजबूत बनता है। शुरुआत में हमने जिस लड़की की कल्पना की थी, वह अब सिर्फ एक कहानी नहीं है। वह भारत के लाखों गांवों में मौजूद है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उसके पास अवसर है, शिक्षा है और आत्मविश्वास है। और शायद यही वह बदलाव है जिसकी बात doctor Preeti Adani कर रही हैं—एक ऐसा भारत जहां आधी आबादी सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि विकास की सबसे बड़ी ताकत बन जाए। कल्पना कीजिए… किसी गांव में एक महिला, जो कभी स्कूल नहीं जा पाई, अचानक अपने परिवार की कमाई का सहारा बन जाती है। डेयरी समूह से जुड़ती है, अपनी आमदनी कमाने लगती है, और पहली बार उसे महसूस होता है कि उसकी पहचान सिर्फ घर तक सीमित नहीं है। सवाल उठता है—अगर देश की आधी आबादी को ही आर्थिक गतिविधियों से दूर रखा जाए, तो क्या विकास सच में संभव है? और जिज्ञासा यहीं से शुरू होती है—आखिर कौन हैं वो महिला जो बार-बार कह रही हैं कि भारत की असली ताकत महिलाओं में छिपी है? ये कहानी है doctor Preeti Adani की, जो अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं। उन्होंने “सशक्त नारी, विकसित भारत” कार्यक्रम में कहा कि महिलाओं को शिक्षा, Skill, डिजिटल ज्ञान और बाजार से जोड़ना बेहद जरूरी है। उनके नेतृत्व में 3,500 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं डेयरी समूहों से जुड़कर सालाना 75 लाख लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि एक डॉक्टर से सामाजिक परिवर्तन की अगुआ बनने तक का उनका सफर कैसे शुरू हुआ… और यहीं कहानी सबसे दिलचस्प मोड़ पर आकर ठहर जाती है… doctor Preeti Adani
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