Site icon

Inspiring: Casagrand की इंसानी सोच — Arun M N, वो बॉस जिसने 1,000 लोगों को सपनों की London Trip पर भेज दिया!

Casagrand

सोचिए… आप एक सुबह ऑफिस जाते हैं, जैसे हर दिन जाते हैं। वही फाइलें, वही काम, वही deadlines। लेकिन अचानक HR की तरफ से एक ईमेल आता है—एक ऐसा मेल जो पढ़कर आपकी धड़कन कुछ पल के लिए रुक जाती है। उसमें लिखा है—“आपको कंपनी की तरफ से एक हफ्ते की London trip gifted की जाती है। पूरी तरह मुफ्त। पासपोर्ट तैयार रखें।” पहली नज़र में आपको लगता है कि शायद कोई मज़ाक है।

कोई April Fool है, कोई mistake है, या शायद कोई phishing scam। लेकिन जब आप अपने सहकर्मियों की तरफ देखते हैं, उनके चेहरे पर वही disbelief, वही shock, वही खुशी की चमक नजर आती है, और तभी एहसास होता है—ये सपना नहीं है… ये हकीकत है। और ये हकीकत सिर्फ एक आदमी की वजह से है—अरुण एम एन नाम का एक ऐसा बॉस, जिसके बारे में आज पूरा देश कह रहा है—“मालिक हो तो ऐसा।”

कहानी शुरू होती है दक्षिण भारत के एक साधारण परिवार से, जहाँ जन्मा एक बच्चा अपने सपनों के साथ बड़ा हुआ, लेकिन सपनों से कहीं ज्यादा बड़ा उसका विज़न था। यह विज़न सिर्फ अपने लिए पैसा कमाना नहीं था, बल्कि दूसरों के जीवन में रोशनी लाना भी था। चेन्नई की गर्म दोपहरें, भीड़भरी बसें, कॉलेज की कक्षाएँ, छोटे-छोटे hostels, संघर्षों से भरे शुरुआती दिन—ये सब अरुण एम एन की जिंदगी की शुरुआती पंक्तियाँ थीं।

और आज, वही इंसान एक ऐसी कंपनी खड़ी कर चुका है जिसके 1,000 कर्मचारी लंदन की गलियों में घूम रहे हैं, फोटो खींच रहे हैं, चॉकलेट खा रहे हैं, Buckingham Palace देख रहे हैं, Big Ben के सामने selfies ले रहे हैं—वो भी कंपनी के पैसे से। ऐसा boss जिसने employees को सिर्फ एक trip नहीं दी… एक याद दी, एक इज़्ज़त दी, और एक एहसास दिया कि “आप महत्वपूर्ण हैं।”

लेकिन अरुण ऐसा क्यों करते हैं? इसका जवाब उनकी कहानी में है। हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग करते समय शायद उन्हें नहीं पता था कि एक दिन वह रियल एस्टेट की दुनिया में तूफान बन जाएंगे। फिर उन्होंने management की पढ़ाई की, और उसके बाद नौकरी मिली Wipro Infotech में। वहाँ वह marketing department में थे—जहाँ उन्हें एक चीज़ साफ समझ में आई—किसी भी कंपनी को आगे वही लोग ले जाते हैं जो उसके लिए जान लगाते हैं। Machines, buildings, offices, strategies—ये सब किसी काम की नहीं अगर employees में passion न हो। और यही philosophy उन्होंने अपने दिल में बसा ली।

2004 में, उन्होंने एक छोटा-सा कदम उठाया। एक ऐसा कदम जो उनके जीवन का सबसे बड़ा turning point बन गया। उन्होंने Casagrand नाम से एक कंपनी शुरू की—एक रियल एस्टेट venture। उस वक्त उनके पास resources कम थे, connections कम थे, लेकिन determination इतना ज्यादा था कि चुनौतियाँ भी रास्ता छोड़ती गईं। चेन्नई की भीड़ भरी गलियों में एक छोटा-सा office किराए पर लिया, कुछ लोगों की टीम बनाई, और शुरू हो गया एक ऐसा सफर जिसने आने वाले 20 सालों में दक्षिण भारत के real estate को बदल दिया।

Casagrand धीरे-धीरे नहीं, बल्कि तेज़ी से बढ़ने लगी। Reason बहुत simple था—अरुण ने टीम को सिर्फ employees नहीं माना; उन्हें family माना। उन्होंने ये सोचा ही नहीं कि “मैं मालिक हूँ और ये लोग मेरे employees।” उन्होंने हमेशा यही कहा—“ये कंपनी इन लोगों की है। अगर कंपनी profit कमाएगी, तो सबसे पहले इन लोगों को मिलेगा।” यही सोच Casagrand को बाकी कंपनियों से अलग बनाती है। आज यह कंपनी चेन्नई, कोयंबटूर और बेंगलुरु में real estate का बड़ा नाम है, लेकिन इस पूरे success का असली credit अरुण अपनी टीम को देते हैं, खुद को नहीं।

और इसी mindset की वजह से Casagrand में हर साल एक बहुत खास tradition है—Profit Share Bonanza। यह ऐसा कार्यक्रम है जिसमें profit सिर्फ balance sheet में नहीं गिना जाता… बल्कि लोगों के चेहरों की मुस्कान में गिना जाता है। ऐसा rare culture बहुत कम कंपनियों में देखने मिलता है।

Casagrand में employees सिर्फ machines की तरह काम नहीं करते, बल्कि ownership के साथ काम करते हैं। उन्हें पता है कि कंपनी grow करेगी तो उनका भविष्य भी grow करेगा। इसी philosophy के तहत पिछले कई सालों में कंपनी ने 6,000 से ज्यादा कर्मचारियों को foreign trips भेजा है—Singapore, Thailand, Malaysia, Dubai, Spain… और अब London।

यह London trip कोई छोटी बात नहीं है। एक हजार लोगों का international travel… एक हफ्ते की यात्रा… पूरा accommodation, tickets, food, transport—सब कंपनी की तरफ से। यह gesture सिर्फ luxury दिखाने या headlines बनाने के लिए नहीं है। यह उस emotion का प्रतीक है जिसे आज की corporate दुनिया भूल चुकी है—gratitude।

अरुण एम एन यह मानते हैं कि “अगर कंपनी एक रुपये कमाती है, तो उसमें employees का हाथ है। और अगर कंपनी करोड़ कमाती है, तो उसमें employees का पसीना, dedication और loyalty है।” लोग अक्सर कहते हैं—“employees काम नहीं करते।” लेकिन अरुण कहते हैं—“अगर employees काम नहीं कर रहे, तो शायद आप leader नहीं हैं।”

लंदन की इस यात्रा में employees को सिर्फ घूमने का मौका नहीं मिलेगा, बल्कि एक नई दुनिया देखने का मौका मिलेगा। केवल buildings नहीं, बल्कि inspiration। सिर्फ photographs नहीं, बल्कि stories। यह trip उनके confidence को बढ़ाएगी, उनकी सोच को expand करेगी, और उन्हें यह एहसास देगी कि उनका boss सिर्फ targets का नहीं, dreams का भी ख्याल रखता है।

इस trip में लोग London Bridge देखने जाएंगे, Buckingham Palace का charm महसूस करेंगे, Piccadilly Circus की nightlife देखेंगे, Big Ben की iconic गूँज सुनेंगे, St Paul’s Cathedral की भव्यता को महसूस करेंगे, और Windsor Castle जैसी दुनिया की सबसे heritage जगहों को explore करेंगे। हर जगह पर employees खुद से कहेंगे—“अगर कंपनी मुझे यहाँ तक ला सकती है… तो मैं कंपनी के लिए और भी कुछ कर सकता हूँ।”

लोग अक्सर सोचते हैं कि employees को खुश रखने का सबसे अच्छा तरीका salary बढ़ाना है। लेकिन अरुण की philosophy अलग है। वह कहते हैं—“सिर्फ पैसे से loyalty नहीं मिलती। Respect और recognition—ये दो चीजें दिल जीतती हैं।” और यह सच है। एक खुश employee अपने boss की फोटो नहीं लगाता, बल्कि boss की ideology को दिल में बसाता है। यही वजह है कि Casagrand के employees इसे नौकरी नहीं, घर कहते हैं।

लेकिन अरुण की कहानी का असली charm उनकी simplicity में है। वह आज multi-millionaire हैं, लेकिन फिर भी employees के नाम याद रखते हैं। वह modern office में बैठते हैं, लेकिन जमीन से जुड़े रहते हैं। Meetings में strategy discuss करते हैं, लेकिन tea breaks में employees से personal बातें भी करते हैं। कोई भी कंपनी तब मजबूत बनती है जब उसका leader लोगों को value दे। अरुण एम एन इस truth को जीते हैं।

उनका बचपन बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन सपने बड़े थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा कि सिर्फ buildings बनानी हैं। उन्होंने सोचा—लोगों की जिंदगी बनानी है। सिर्फ घर बनाने हैं… नहीं। लोगों को “अपना घर” दिलवाना है। सिर्फ कारोबार बढ़ाना है… नहीं। लोगों का भविष्य मजबूत करना है। और यही values उन्होंने अपनी कंपनी में डालीं।

उनका leadership style काफी unique है। वह कहते हैं—“कर्मचारियों को ownership दो, वो कंपनी को family समझेंगे। उन्हें दबाओ मत, guide करो। उन्हें instructions मत दो, vision दो।” यही वजह है कि Casagrand के 1,000 कर्मचारी आज London की गलियों में घूमते हुए महसूस कर रहे हैं कि यह सिर्फ trip नहीं, यह उनकी मेहनत का सम्मान है।

अगर corporate दुनिया का एक golden rule बनाया जाए, तो शायद वो यही होगा—“Employees को वह दो जो उन्हें memorable लगे।” और अरुण यही करते हैं। दुनिया में बड़े-बड़े CEO अपने private jets, luxury offices और multimillion bonuses दिखाते हैं। लेकिन अरुण में फर्क यह है कि वह अपनी success को अपने employees की success से measure करते हैं। उनका belief है—“कंपनी सिर्फ मेरे लिए नहीं, हम सब के लिए है।”

इसलिए जब सोशल मीडिया पर यह खबर फैली कि “एक भारतीय बॉस ने 1,000 employees को London भेजा,” लोग हैरान भी हुए, inspired भी हुए और इस बात पर agree भी हुए कि—“ऐसा boss सच में विरले होते हैं।” लोग कह रहे हैं—“काश हर कंपनी ऐसा सोचती।” लेकिन असलियत यह है कि हर कंपनी ऐसा सोच नहीं सकती, क्योंकि हर कंपनी के पास अरुण जैसा दिल, mindset और leadership नहीं है।

उनकी journey हर युवा entrepreneur को ये lesson देती है कि success सिर्फ numbers में नहीं होती। Success लोगों की मुस्कान में होती है। Success उस trust में होती है जो employees अपने boss पर रखते हैं। Success उस culture में होती है जहाँ लोग पैसे के लिए नहीं, purpose के लिए काम करते हैं। Success उस organization में होती है जहाँ बोनस envelopes नहीं, सपने बाँटे जाते हैं। इन 20 सालों में Casagrand ने हजारों घर बनाए होंगे, लेकिन एक घर ऐसा है जो अरुण ने अपनी company में बनाया है—trust का घर। और यह घर किसी blueprint से नहीं बनता… यह दिल से बनता है।

Conclusion

अगर हमारे आर्टिकल ने आपको कुछ नया सिखाया हो, तो इसे शेयर करना न भूलें, ताकि यह महत्वपूर्ण जानकारी और लोगों तक पहुँच सके। आपके सुझाव और सवाल हमारे लिए बेहद अहम हैं, इसलिए उन्हें कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें। आपकी प्रतिक्रियाएं हमें बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

GRT Business विभिन्न समाचार एजेंसियों, जनमत और सार्वजनिक स्रोतों से जानकारी लेकर आपके लिए सटीक और सत्यापित कंटेंट प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। हालांकि, किसी भी त्रुटि या विवाद के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं। हमारा उद्देश्य आपके ज्ञान को बढ़ाना और आपको सही तथ्यों से अवगत कराना है।

अधिक जानकारी के लिए आप हमारे GRT Business Youtube चैनल पर भी विजिट कर सकते हैं। धन्यवाद!”

Spread the love
Exit mobile version